अनोखी रात - unique night

                        
                            अनोखी  रात  -  unique  night 







                    यह  एक हॉरर  स्टोरी  है  जो  राजीव  और  उनके  दोस्तो  की  है |   कुछ  घटना  ऐसी  बनती  है  जो  हम  सपने  में  भी  नहीं  सोच  सकते  |   राजीव  , प्रिया  और  मुकेश   तीनो  गोवा  घूमने  निकलते  है  |  रास्ते  में  रात  हो  जाती  है  |   राजीव   को  मुकेश  कहता  है  की  " गोवा  पहुंचने  में  अभी  कितनी देरी  लगेगी  रात  भी  हो गयी है "   |  तो  राजीव  कहता है  की  " अभी समय  लगेगा "  फिर  मुकेश  ने  कहा'  '' कही  हम  रास्ता  तो  भूल  नहीं  गये "  राजीव  ने  कहा  "  हम  रास्ता  नहीं  भूले  है "  |    अचानक  उनकी  कार  बिगड़  जाती  है  प्रिया  डर  जाती  है   क्यूकि  वह  निर्जन  रास्ता था  और  आसपास  जंगल  था   फिर  राजीव  कहता  है  की  " प्रिया  डरने  की  कोई  जरूरत  नहीं  है  "  फिर  प्रिया  कहती  है  की  " ठीक  है  "  उसके  बाद राजीव  कार देखता  और  बोलता  है  की  " कार  का एन्जिन  गरम हो  गया है  पानी डालना  पड़ेगा  " |  मुकेश  कहता  है  " प्रिया  तुम यही  रुको  हम  दोनों  जंगल  में जा  के  पानी  लेकर  आते  है "  |  प्रिया  कहती  है  " में  तुम्हारे  साथ  आउगी  "  फिर  राजीव  कहता  है  की  " ठीक  है  तुम हमारे  साथ  आओ " | 
                            तीनो  जंगल  में  जाते  है    उसके  बाद  राजीव  को  एक  बंगला  दिखता  है  अचानक  बारिश  शुरू  हो जाती  |   राजीव  कहता  है  की  " हमें  वो  बंगले में  जाना  चाहिये  बारिश  तेज  हो  रही  है  "  फिर  प्रिया  कहती  है  की  " हमें  ऐसे  कोई  अनजान  जगह  पे  नहीं  जाना  चाहिये  " |   मुकेश  कहता  है  की  "  कुछ  नहीं  होगा  हम  है  ना   तुम्हारे  साथ  " तीनो  बंगले  की  तरफ जाते  है   वो  बंगला  डरावना  लग  रहा  था  |   तीनो  गेट  खोल  कर  अंदर  जाते  है |   मुकेश  दरवाजा  की  पास  डोरबेल  दबाता  है  उसके  बाद  एक  वृद्ध  इंसान   दरवाजा  खोलता  है  और  पूछता  है  की  " कौन  हो  तुम्ह  लोग  "  फिर  राजीव  उसका  उतर  देता  है  की  "   हमारी  कार  बिगड़ गयी  है  और  बारिश  भी  हो  रही  है  तो  थोड़ी  देर  हमें  अंदर आने  देंगे "
वो  वृद्ध इंसान  कहता  है  की  "  ठीक  है  तुम्ह  अंदर  आ  सकते  हो  " |  तीनो  अंदर  जाते  है  बहार  डरावना  लग रहा  बंगला  अंदर  से  भव्य  और  आकर्षक  लग  रहा  था  | 
                            अंदर  एक  लड़की  थी  उसे  देखके  वो  वृद्ध  इंसान  कहता  है  "  बेटा  इन  लोगो  की  कार  बिगड़  गयी  ही  इस  लिए  फंस  गये  है  इस  लिए  इनका  रहेना  का  इंतजाम  करो  "  वो  लड़की  कहती है  " ठीक  है  पिताजी  "   फिर  वो  बोलती  है  "  मेरा  साथ  चलो  आप  लोग  "  फिर  तीनो  उसके  साथ  जाते  है  " |  राजीव  कहता  है  " आप  का  शुक्रिया  "   फिर  वो  लड़की  उनको  तीन  कमरे  दिखाती  है 
उसके बाद  वो  लड़की  कहती  है  की " आप ऐसा  की  जिये  आप  सुबह  चले  जाना  अभी  बहुत  देरी  हो  गयी है" |    फिर  प्रिया  ने  कहा  " आपको  तकलीफ  तो नहीं  होगी "  वो  लड़की बोली  " तकलीफ  किसी  वैसे  भी हम अकेले रहते  है " |    फिर  वो  लड़की  बोली  "  आपको  किसी  चीज  की  जरूरत  हो  तो  मेरा  कमरा  पास  में  ही  है  "  उसके  बाद  तीनो  उनको  जो  कमरे  दिये  थे  उसमें  चले  जाते  है  लेकिन   राजीव  को  नींद  नहीं  आती  है   जबसे  उस  लड़की  को  देखा  था   तब  से  वो  उस लड़की  के  लिये  कुछ  महसूस  कर  रहा  था  |  तो  उसे  वो  लड़की  से  बात  कर  ने  अच्छा  हुई  फिर  वो  उस  लड़की  के  कमरे  की  तरफ  जाता  है |  वो लड़की  टेबल  पर  चढ़ के  परदे  ठीक  कर रही  थी  | 
                         अचानक  टेबल  खिसक  जाता  है  और  वो  नीचे  गिरने  लगती  तो  राजीव  उसको  बचा  लेता है  |  वो  लड़की  उसे  धन्यवाद  कहती  है   फिर  वो  लड़की  पूछती  हे " आप  यहा  क्यू  आये  है "  राजीव  कहता  है  की  " मुझे  नींद  नहीं  आ  रही थी  और  में  आप  के  साथ  थोड़ी  देर बात  करना  चाहता था  "
 फिर  राजीव बोला  " आपको  यहा  अकेलापन  महसूस  नहीं  होता  है " |  वो  लड़की  उतर देती है की  " मुझे  अकेला रहने  की  आदत  हो  गयी है  "  उसके  बाद  राजीव  कहता है  की  " आपकी  शादी  हो  गयी  है "   वो  लड़की  कहती है  " आप क्यू  पूछ  रहे  हो  "  राजीव   कहता  है  की  " में  तो  बस  ऐसी  ही पूछ  रहा  था  "  फिर  वो  लड़की  कहती  है  " मेरी  शादी  नहीं  हुई  अभी  तक  कोई  मिला  ही  नहीं  जिस  के  साथ  शादी  के  बारे  में  सोचु  " फिर  राजीव  कहता  है  की  " आप  इतनी  अच्छी  है   आपको  कोई भी मिल सकता  है  |  राजीव  अपने  बारे में बताता है  उसके  बाद  वो लड़की  कहती है  " बहोत  रात  हो गयी  है  आपको  अपने  कमरे  जाना  चाहिये "  राजीव  उसको  दिये कमरे में चला जाता है | 
                        थोड़ी देर  बिस्तर में  वो लड़की के सोचता है  की  " कल  में  उसके बारे में क्या सोचता हु  उसे  बता दुगा " फिर उसे नींद  आ  जाती है  |   नींद  में उसे  कोई  उसे  आवाज दे रहा है  ऐसा  उसे  लगता  है  वो  कमरे  का दरवाजा  खोल ने कोशिश  करता  है  पर  दरवाजा नहीं  खुलता है  फिर  अचानक  अपने आप  खुल जाता है   वो  देखता  है  की  मुकेश  और  प्रिया  की   लाश  पड़ी  हुई  थी  |  राजीव  उन  दोनों  के देखता  है   उनको  उठाने की  कोशिश  करता है  पर  वो  नहीं  उठे   फिर  वो  वहा  से  भागता  है   वो  देखता  है  की   वृद्ध  इंसान  और  वो  लड़की  खड़े  हुए  थे  | दोनों  के  चहेरे  भयानक लग रहे  थे  दोनों  पुरे  बदन  पे  खून  था  वो  लड़की  कहती  है  " पिताजी  इसे  जाने  दो  वो  अच्छा  इंसान  हे   फिर  उसके  पिताजी बोले  की  " में  इसे  नहीं  जाने दुगा "  उसके बाद  वो  लड़की  उसके  पिताजी  का  हाथ  पकड़  लेती  है  और  राजीव  को  कहती  है  तुम  यहा  से  चले जाओ "   राजीव  बंगले  से  बहार निकलता  है  सीथा दौड़ कर   कार तक  पहुँचता  है |  तब  उसे  जान में  जान  आती  है  वो  सोचता  है  की  हम  जंगल में  गये  नहीं  हुये  तो  प्रिया  और  मुकेश  की  जान  बच  जाती  |  फिर  वो  कार  दौड़ा  कर  वहा  से  चला  जाता  है  |   दुनिया  में  कई  ऐसी  जगह  जो  ऐसी  घटना  बनती  रहती  है  जो  वास्तविकता  से  एकदम  भिन्न  होती  है  | 









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1 comments:

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Wednesday, January 22, 2020 ×

Nice bro👍🏻👍🏻👍🏻👍🏻👍🏻

Congrats bro Chandkumar you got PERTAMAX...! hehehehe...
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