अभय का सच्चा प्यार - Abhay 's true love
प्रेम के बारे में बहुत कुछ कहा जाता है की प्रेम में बहोत ताकत होती है जो सामान्य इन्सान को महान बना सकता है | कई बार ऐसा भी होता की जिसका पास सब कुछ हो उसका पास से सबकुछ छिन भी सकती है | आज में आपको बताने जा रहा है वो एक सच्चे प्यार की कहानी है पर प्यार अधूरा रहा या नहीं यह कहना मुश्किल है यह कहानी प्यार के बारे में बहुत कुछ बताती है यह कहानी अभय और उसके सच्चे प्यार की है |
अभय न्यूयॉक मे रहेता है उसके पिता डॉक्टर है और उनका बहोत बड़ा नाम है अभय अपनी कॉलेज की पढ़ाई खत्म कर चुका था और अच्छे गुण से डिग्री प्राप्त की थी तो उसके पिता उसे कहते है की " बेटा तुम क्या चाहिये " तो अभय कहता है की " पिताजी मुझे कुछ नहीं चाहिये लेकिन आप कुछ देना चाहते हो तो में दादा-दादी के पास कुछ समय के लिये जाना चाहता हु " उसके पिता कहते है की " तू वहा जा कर क्या करोगे " तो अभय कहता है की में भारत देखना चाहता हु और दादा-दादी को देखे बहुत समय हो गया है " अभय के बहुत कहने पर उसके पिताजी मान जाते है लेकिन वो कहते है की तुम्हारे बिना में और तेरी मा अकेले हो जायेगे इस लिए तुम जल्दी आना | दूसरे दिन वो भारत में आने के लिए विमान बेठ था है ओर सोचता है दादा-दादी कितने बदल चुके होंगे और वहा के लोग कैसे होंगे | विमान दिल्ली ऐरपोट पहुँचता है वहा से अभय टेक्सी बेठ कर उसके दादा के घर पहुँचता है |
दादा -दादी उसे देखकर खुश हो जाते है दादा कहते है की " अभय तुम तो बिलकुल बदल गया हो जब तुम पहले देखा तो वो छोटे से थे पर आज तुम युवान हो गये हो " फिर अभय कहता है में तो बदल गया हु पर आप दोनों बिलकुल नहीं बदले हो " उसके बाद तीनो साथ में बेठकर खाते है अभय कहता है की " आपको अकेलापण महसूस नहीं होता है " दादी कहती है की " बेटा में तो कहेती हु की हम अपने बेटे पास चले जाना चाहिये पर तेरे दादा नहीं मानते है " अभय कहता है की में जब तक आप अकेले है ऐसा बिलकुल लगने नहीं दुगा " दूसरे दिन अभय दिल्ही घूमने की इच्छा होती है तो वो एक बस स्टैन्ड में खडा हो जाता है | उसे यहा की बस में सफर करना था वहा एक लड़की आती है उसने काले रंग का पंजाबी ड्रेस पहना था | दिखने में बहुत सुंदर थी वो अभय से से थोड़ी दूर खडी हो जाती है | अभय उसे दो मिनिट देखता रहा है उसका दिल तेजी से धड़क ने लगता है ऐसा उसे कभी भी किसी भी लड़की देखकर नहीं हुआ था वो लड़की बस आती है उसमे वो चली जाती है उसके बाद अभय दूसरी बस में जाता है दिल्ही जो देखने लायक जगह होती वो सब जगह घूमता है |
रात को देरी से घर वापस आता है और भोजन करके अपने कमरे में चला जाता है लेकिन उसे आज नींद नहीं आ रही थी उसे वो लड़की ही दिखाई दे रही थी वो सोचता है मुझे उस लड़की से बात करनी चाहिये थी फिर वो लड़की देखने को मिले या ना मिले | दूसरे दिन वो वही बस स्टेन्ड खड़ा हो जाता है वो लड़की आज भी आती है बस में चली जाती है अभय वापस घर चला जाता है
अगले दिन फिर अभय वही बस स्टेन्ड में जाता है और आज वो लड़की के साथ दूसरी लड़की भी थी थोड़ी देर बाद बस आती है वो उसमे चले जाते है लेकिन वो लड़की अपना बेग बस स्टैन्ड मे ही भूल जाती है अभय वो बेग लेकर उसमे देखता है तो उसमे उसके जरुरी प्रमाणपत्र थे अभय को उसमे उस लड़की का फोन नम्बर मिला फिर वो लड़की को फोन करता है और कहता है की आप अपना बेग यहा भूल गयी हो उसके बाद वो लड़की वापस आती है और बेग लेकर आपका शुक्रिया कह के चली जाती है आज अभय बहुत खुश हो जाता है अभय उसे प्यार करने लगा था उसने सिर्फ एक दो शब्द ही बोले थे लेकिन उसके लिए काफी था |
अगले दिन वो वापस उसे देखने के लिए बस स्टेन्ड वापस आता था वो लड़की आज सीधी उसके पास आती है और कहती है की " आप ने मुझे कल बेग दिया उसके लिये आप का शुक्रिया अगर कल मुझे बेग नहीं मिलती तो में परेशानी में पड़ जाती कल मेरा नौकरी के लिए इंटरव्यु था " उसके बाद अभय कहता है की " आपको शुक्रिया कहने जरुरत नहीं फिर वो लड़की कहती है " शुक्रिया कहने तो कहना होगा आप वजह से नौकरी मिल गयी " वो बेग मुझे नहीं मिलता तो मुझे नोकरी नहीं मिलती " उसके बाद लड़की कहती है की " मेरा नाम अवनि है और आपका नाम क्या है ? " अभय कहता है की " मेरा नाम अभय है " उसके बाद दोनों एक दूसरे साथ बहोत सारी बाते जैसे की एक दूसरे को पहेले जानते है फिर अवनि की बस आती है और वो चली जाती है | अभय घर चला जाता है रात को उस लड़की का मेसज आता है दोनों बहुत देर तक बात करते है | अब दोनों रोज वही बस स्टेन्ड मिलते थे और जब अवनि काम से वक्त मिलता तो वो अभय के साथ बात करती थी दोनों एक दूसरे काफी करीब आ गये थे दोनों को एक दूसरे साथ बात किये बिना चेन नहीं मिलता था |
एक दिन अवनि का फोन आता है की " आज तुम मुझे रोज मिलते हो वो बस स्टेन्ड के पास एक रेस्टोरेंट है शाम को हम मिल सकते है और मुझे तुम्हे कहेना भी है " तो अभय कहता है की " ढीक है " दोने रेस्टोरेंट मिलते है दोनों एक जगह साथ बेठ जाते है फिर अभय पूछता है की " तुम्हे मुझे क्या बताना था " तो अवनि उसका जवाब देती है की " पहले साथ डिनर तो कर लेते है फिर में तुम्हे बताती हु " दोनों डिनर करते है फिर अभय कहेता है की " अब तो बतावो " तो अवनि कहती है की अभय तुम्हे कैसा लगेगा लेकिन में तुम्हे प्यार करने लगी हु " उसके बाद अभय बोलता है की " में तुम्हे पहेली बार देखा था तब से तुम्हे प्यार करता हु " अवनि कहती है की " तो तुम्हे मुझे पहले
बोलना चाहिये था | अभय ने कहा " में तुम्हे कहने से डरना था " उसके बाद अवनि कहती है की " में एक गरीब परिवार से हु तुम्हे तो पता है ना " तो अभय कहता है की " मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता है में तुम्हे सच्चे प्यार करता है " फिर अवनि बोलती है की " हमें शादी कर लेनी चाहिये " तो अभय कहता है पहले हमें अपने माता-पिता को बताना चाहिए फिर अवनि कहती है "ठीक है "
दोनों रेस्टोरेंट से बहार निकल थे है दोनों गले लगते है फिर अपने-अपने घर चले है | अभय अपने दादा घर पहुँचता है तो उसे पता चलता है की उसकी मा सीडीओ से गिर गयी है और उनकी हालत बहोत खराब है | अभय रात को ही ऐरपोट से न्यूयॉर्क जो विमान जाता है उसमे बेठकर न्यूयॉर्क पहुँचता है और सीधा हॉस्पिटल जाता है वहा उसके पिता के पास पहुँचता है वहा डॉक्टर से पूछता है की " मेरी मा केसी है डॉक्टर ? " फिर डॉक्टर बोले " तुम्हारी मा दो दिन आराम करना पड़ेगा उसके बाद वो पहले जेसी हो जायेगी " अभय अपनी मा की दो दिनों तक सेवा करता है | उसकी मा अब अच्छी हो गयी थी | अभय उसके पिताजी को कहता है की " मुझे दादा के वापस जाना है " उसके पिताजी कहते हे की तुम अभी तो आये हो " अभय कहता है की " में वापस आ कर सबकुछ बताता हु " दूसरे दिन विमान में बेठकर दिल्ही आता है |
अभय सबसे पहले अवनि फोन करता है लेकिन उसका फोन बंध बोलता है वो अपने दादा घर पहुँचता है उसे देखकर दादी कहती है की " बेटा तुम्हे गये हफ्ता भी नहीं हुआ और तुम वापस आ गये " तो अभय कहता है की " आपके बिना मुझे वहा अच्छा ही नहीं लगता था " वो अवनि को अगले दो दिन फोन करता है लेकिन अवनि का फोन बंध आता था | वो जहा मिलते थे वो बस स्टेन्ड में भी वो नहीं आती थी उसे अब अवनि की चिंता होने लगी फिर अगले दिन अभय फिर बस स्टेन्ड जाता है आज अवनि वहा आती है वो अवनि को पूछता है की " मेने तुम्हे कितने फोन लगाये लेकिन तुम्हारा फोन बंध आता था फिर अवनि कहती है की " मेरा फोन बिगड़ गया है " उसके बाद अवनि कहती है की "क्या हम यहा से थोड़ी दूर बाग है वहा जा सकते है " तो अभय कहता है की "तुम्हे नोकरी नहीं जाना" अवनि उसका उतर देती है की " मेने नोकरी छोड़ दी " फिर अभय कहता है की " तुमने अच्छा किया अब तुम्हे नोकरी करने की कोई जरुरत नहीं और तुम्हारे माता-पिता को भी हम शादी के बाद न्यूयोर्क साथ ले जायेगे " दोनों फिर बाग मे जाते है वहा जाकर बेठते है अवनि कहती है " हम पिछली बार मिले थे उसके बाद कई बार फोन लगाया था फिर तुम्हे फोन क्यू नहीं उठाया था " तब अभय कहता है की " मेरी मा को सीडीओ से गिर ने चोट लगी थी इस लिए मुझे न्यूयोर्क वापस जाना पड़ा था "
फिर अभय कहता है की " हमें शादी करनी चाहिये " तो अवनि कहती है की " मुझे थोड़ा वक्त दो अपने माता- पिता कहने को " अभय कहता है की " ठीक है " दोनों कई देर तक बात करते है फिर अवनि कहती है की हम कल इस समय मिलेंगे " उसके बाद अभय उसके दादा के घर चला जाता है |
अगले दिन सुबह अभय अखबार देखता है तो अभय की आँख फट जाती है उसमे अवनि की फोटा थी और कुछ लिखा था | फिर अवनि जिस वक्त कहा था वो बाग मे पहुंच जाता है वहा अवनि पहले से बेठी हुयी थी वो अवनि कहता है की " चलो हम तुम्हारे घर चले " तो अवनि मना कर देती है फिर अभय कहता है की " मुझे तुम्हारे बारे में सब पता चल गया है " अवनि को यह सुन कर आँख में अश्रु आ जाते है फिर कहती है की " अभय तुम जब न्यूयोर्क गये उसके अगले दिन नोकरी से लोट ने में देर हो गयी थी मेने कार देखी तो मेने लिफ्ट मांगी उसमे दो आदमी थे | उन्होंने ने मेने कहा था वहा नहीं और निरजन जगह पे कार खड़ी कर दी और मेरे साथ रेप किया फिर मुझे वही पास में मार के दफना दिया " उसके बाद अभय कहता है की " तुम तो मेरे सामने हो " तो अवनि कहती है " तुम जिसे देख रहे हो अवनि की आत्मा है " फिर अभय कहता है की " में तुम्हारे साथ यह करने वाले को मार दुगा " तो अवनि कहती है की " मेने उनको पहले से मार दिया है " फिर अवनि बोली " अब मेरा जाने के समय आ गया है" तो अभय कहता है की " में तुम्हारे बिना नहीं मर जाउगा " तो अवनि कहती है की " तुम्हे मेरे लिए जीना होगा " और वो गायब हो जाती है |
अभय जोर-जोर से अवनि चिलता है फिर वो रात को वापस अपने दादा घर आता है और कुछ बोलता नहीं और अपने कमरे में चला जाता है | जहर पी लेता है अगले दिन उसके दादा देखते है तो अभय मर गया था | यह प्रेमकहानी अधूरी और पूरी भी है क्यू की अवनि के बिना अभय जिन्दा रह नहीं पाता और उसके पास चला जाता है |
प्रेम के बारे में बहुत कुछ कहा जाता है की प्रेम में बहोत ताकत होती है जो सामान्य इन्सान को महान बना सकता है | कई बार ऐसा भी होता की जिसका पास सब कुछ हो उसका पास से सबकुछ छिन भी सकती है | आज में आपको बताने जा रहा है वो एक सच्चे प्यार की कहानी है पर प्यार अधूरा रहा या नहीं यह कहना मुश्किल है यह कहानी प्यार के बारे में बहुत कुछ बताती है यह कहानी अभय और उसके सच्चे प्यार की है |
अभय न्यूयॉक मे रहेता है उसके पिता डॉक्टर है और उनका बहोत बड़ा नाम है अभय अपनी कॉलेज की पढ़ाई खत्म कर चुका था और अच्छे गुण से डिग्री प्राप्त की थी तो उसके पिता उसे कहते है की " बेटा तुम क्या चाहिये " तो अभय कहता है की " पिताजी मुझे कुछ नहीं चाहिये लेकिन आप कुछ देना चाहते हो तो में दादा-दादी के पास कुछ समय के लिये जाना चाहता हु " उसके पिता कहते है की " तू वहा जा कर क्या करोगे " तो अभय कहता है की में भारत देखना चाहता हु और दादा-दादी को देखे बहुत समय हो गया है " अभय के बहुत कहने पर उसके पिताजी मान जाते है लेकिन वो कहते है की तुम्हारे बिना में और तेरी मा अकेले हो जायेगे इस लिए तुम जल्दी आना | दूसरे दिन वो भारत में आने के लिए विमान बेठ था है ओर सोचता है दादा-दादी कितने बदल चुके होंगे और वहा के लोग कैसे होंगे | विमान दिल्ली ऐरपोट पहुँचता है वहा से अभय टेक्सी बेठ कर उसके दादा के घर पहुँचता है |
दादा -दादी उसे देखकर खुश हो जाते है दादा कहते है की " अभय तुम तो बिलकुल बदल गया हो जब तुम पहले देखा तो वो छोटे से थे पर आज तुम युवान हो गये हो " फिर अभय कहता है में तो बदल गया हु पर आप दोनों बिलकुल नहीं बदले हो " उसके बाद तीनो साथ में बेठकर खाते है अभय कहता है की " आपको अकेलापण महसूस नहीं होता है " दादी कहती है की " बेटा में तो कहेती हु की हम अपने बेटे पास चले जाना चाहिये पर तेरे दादा नहीं मानते है " अभय कहता है की में जब तक आप अकेले है ऐसा बिलकुल लगने नहीं दुगा " दूसरे दिन अभय दिल्ही घूमने की इच्छा होती है तो वो एक बस स्टैन्ड में खडा हो जाता है | उसे यहा की बस में सफर करना था वहा एक लड़की आती है उसने काले रंग का पंजाबी ड्रेस पहना था | दिखने में बहुत सुंदर थी वो अभय से से थोड़ी दूर खडी हो जाती है | अभय उसे दो मिनिट देखता रहा है उसका दिल तेजी से धड़क ने लगता है ऐसा उसे कभी भी किसी भी लड़की देखकर नहीं हुआ था वो लड़की बस आती है उसमे वो चली जाती है उसके बाद अभय दूसरी बस में जाता है दिल्ही जो देखने लायक जगह होती वो सब जगह घूमता है |
रात को देरी से घर वापस आता है और भोजन करके अपने कमरे में चला जाता है लेकिन उसे आज नींद नहीं आ रही थी उसे वो लड़की ही दिखाई दे रही थी वो सोचता है मुझे उस लड़की से बात करनी चाहिये थी फिर वो लड़की देखने को मिले या ना मिले | दूसरे दिन वो वही बस स्टेन्ड खड़ा हो जाता है वो लड़की आज भी आती है बस में चली जाती है अभय वापस घर चला जाता है
अगले दिन फिर अभय वही बस स्टेन्ड में जाता है और आज वो लड़की के साथ दूसरी लड़की भी थी थोड़ी देर बाद बस आती है वो उसमे चले जाते है लेकिन वो लड़की अपना बेग बस स्टैन्ड मे ही भूल जाती है अभय वो बेग लेकर उसमे देखता है तो उसमे उसके जरुरी प्रमाणपत्र थे अभय को उसमे उस लड़की का फोन नम्बर मिला फिर वो लड़की को फोन करता है और कहता है की आप अपना बेग यहा भूल गयी हो उसके बाद वो लड़की वापस आती है और बेग लेकर आपका शुक्रिया कह के चली जाती है आज अभय बहुत खुश हो जाता है अभय उसे प्यार करने लगा था उसने सिर्फ एक दो शब्द ही बोले थे लेकिन उसके लिए काफी था |
अगले दिन वो वापस उसे देखने के लिए बस स्टेन्ड वापस आता था वो लड़की आज सीधी उसके पास आती है और कहती है की " आप ने मुझे कल बेग दिया उसके लिये आप का शुक्रिया अगर कल मुझे बेग नहीं मिलती तो में परेशानी में पड़ जाती कल मेरा नौकरी के लिए इंटरव्यु था " उसके बाद अभय कहता है की " आपको शुक्रिया कहने जरुरत नहीं फिर वो लड़की कहती है " शुक्रिया कहने तो कहना होगा आप वजह से नौकरी मिल गयी " वो बेग मुझे नहीं मिलता तो मुझे नोकरी नहीं मिलती " उसके बाद लड़की कहती है की " मेरा नाम अवनि है और आपका नाम क्या है ? " अभय कहता है की " मेरा नाम अभय है " उसके बाद दोनों एक दूसरे साथ बहोत सारी बाते जैसे की एक दूसरे को पहेले जानते है फिर अवनि की बस आती है और वो चली जाती है | अभय घर चला जाता है रात को उस लड़की का मेसज आता है दोनों बहुत देर तक बात करते है | अब दोनों रोज वही बस स्टेन्ड मिलते थे और जब अवनि काम से वक्त मिलता तो वो अभय के साथ बात करती थी दोनों एक दूसरे काफी करीब आ गये थे दोनों को एक दूसरे साथ बात किये बिना चेन नहीं मिलता था |
एक दिन अवनि का फोन आता है की " आज तुम मुझे रोज मिलते हो वो बस स्टेन्ड के पास एक रेस्टोरेंट है शाम को हम मिल सकते है और मुझे तुम्हे कहेना भी है " तो अभय कहता है की " ढीक है " दोने रेस्टोरेंट मिलते है दोनों एक जगह साथ बेठ जाते है फिर अभय पूछता है की " तुम्हे मुझे क्या बताना था " तो अवनि उसका जवाब देती है की " पहले साथ डिनर तो कर लेते है फिर में तुम्हे बताती हु " दोनों डिनर करते है फिर अभय कहेता है की " अब तो बतावो " तो अवनि कहती है की अभय तुम्हे कैसा लगेगा लेकिन में तुम्हे प्यार करने लगी हु " उसके बाद अभय बोलता है की " में तुम्हे पहेली बार देखा था तब से तुम्हे प्यार करता हु " अवनि कहती है की " तो तुम्हे मुझे पहले
बोलना चाहिये था | अभय ने कहा " में तुम्हे कहने से डरना था " उसके बाद अवनि कहती है की " में एक गरीब परिवार से हु तुम्हे तो पता है ना " तो अभय कहता है की " मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता है में तुम्हे सच्चे प्यार करता है " फिर अवनि बोलती है की " हमें शादी कर लेनी चाहिये " तो अभय कहता है पहले हमें अपने माता-पिता को बताना चाहिए फिर अवनि कहती है "ठीक है "
दोनों रेस्टोरेंट से बहार निकल थे है दोनों गले लगते है फिर अपने-अपने घर चले है | अभय अपने दादा घर पहुँचता है तो उसे पता चलता है की उसकी मा सीडीओ से गिर गयी है और उनकी हालत बहोत खराब है | अभय रात को ही ऐरपोट से न्यूयॉर्क जो विमान जाता है उसमे बेठकर न्यूयॉर्क पहुँचता है और सीधा हॉस्पिटल जाता है वहा उसके पिता के पास पहुँचता है वहा डॉक्टर से पूछता है की " मेरी मा केसी है डॉक्टर ? " फिर डॉक्टर बोले " तुम्हारी मा दो दिन आराम करना पड़ेगा उसके बाद वो पहले जेसी हो जायेगी " अभय अपनी मा की दो दिनों तक सेवा करता है | उसकी मा अब अच्छी हो गयी थी | अभय उसके पिताजी को कहता है की " मुझे दादा के वापस जाना है " उसके पिताजी कहते हे की तुम अभी तो आये हो " अभय कहता है की " में वापस आ कर सबकुछ बताता हु " दूसरे दिन विमान में बेठकर दिल्ही आता है |
अभय सबसे पहले अवनि फोन करता है लेकिन उसका फोन बंध बोलता है वो अपने दादा घर पहुँचता है उसे देखकर दादी कहती है की " बेटा तुम्हे गये हफ्ता भी नहीं हुआ और तुम वापस आ गये " तो अभय कहता है की " आपके बिना मुझे वहा अच्छा ही नहीं लगता था " वो अवनि को अगले दो दिन फोन करता है लेकिन अवनि का फोन बंध आता था | वो जहा मिलते थे वो बस स्टेन्ड में भी वो नहीं आती थी उसे अब अवनि की चिंता होने लगी फिर अगले दिन अभय फिर बस स्टेन्ड जाता है आज अवनि वहा आती है वो अवनि को पूछता है की " मेने तुम्हे कितने फोन लगाये लेकिन तुम्हारा फोन बंध आता था फिर अवनि कहती है की " मेरा फोन बिगड़ गया है " उसके बाद अवनि कहती है की "क्या हम यहा से थोड़ी दूर बाग है वहा जा सकते है " तो अभय कहता है की "तुम्हे नोकरी नहीं जाना" अवनि उसका उतर देती है की " मेने नोकरी छोड़ दी " फिर अभय कहता है की " तुमने अच्छा किया अब तुम्हे नोकरी करने की कोई जरुरत नहीं और तुम्हारे माता-पिता को भी हम शादी के बाद न्यूयोर्क साथ ले जायेगे " दोनों फिर बाग मे जाते है वहा जाकर बेठते है अवनि कहती है " हम पिछली बार मिले थे उसके बाद कई बार फोन लगाया था फिर तुम्हे फोन क्यू नहीं उठाया था " तब अभय कहता है की " मेरी मा को सीडीओ से गिर ने चोट लगी थी इस लिए मुझे न्यूयोर्क वापस जाना पड़ा था "
फिर अभय कहता है की " हमें शादी करनी चाहिये " तो अवनि कहती है की " मुझे थोड़ा वक्त दो अपने माता- पिता कहने को " अभय कहता है की " ठीक है " दोनों कई देर तक बात करते है फिर अवनि कहती है की हम कल इस समय मिलेंगे " उसके बाद अभय उसके दादा के घर चला जाता है |
अगले दिन सुबह अभय अखबार देखता है तो अभय की आँख फट जाती है उसमे अवनि की फोटा थी और कुछ लिखा था | फिर अवनि जिस वक्त कहा था वो बाग मे पहुंच जाता है वहा अवनि पहले से बेठी हुयी थी वो अवनि कहता है की " चलो हम तुम्हारे घर चले " तो अवनि मना कर देती है फिर अभय कहता है की " मुझे तुम्हारे बारे में सब पता चल गया है " अवनि को यह सुन कर आँख में अश्रु आ जाते है फिर कहती है की " अभय तुम जब न्यूयोर्क गये उसके अगले दिन नोकरी से लोट ने में देर हो गयी थी मेने कार देखी तो मेने लिफ्ट मांगी उसमे दो आदमी थे | उन्होंने ने मेने कहा था वहा नहीं और निरजन जगह पे कार खड़ी कर दी और मेरे साथ रेप किया फिर मुझे वही पास में मार के दफना दिया " उसके बाद अभय कहता है की " तुम तो मेरे सामने हो " तो अवनि कहती है " तुम जिसे देख रहे हो अवनि की आत्मा है " फिर अभय कहता है की " में तुम्हारे साथ यह करने वाले को मार दुगा " तो अवनि कहती है की " मेने उनको पहले से मार दिया है " फिर अवनि बोली " अब मेरा जाने के समय आ गया है" तो अभय कहता है की " में तुम्हारे बिना नहीं मर जाउगा " तो अवनि कहती है की " तुम्हे मेरे लिए जीना होगा " और वो गायब हो जाती है |
अभय जोर-जोर से अवनि चिलता है फिर वो रात को वापस अपने दादा घर आता है और कुछ बोलता नहीं और अपने कमरे में चला जाता है | जहर पी लेता है अगले दिन उसके दादा देखते है तो अभय मर गया था | यह प्रेमकहानी अधूरी और पूरी भी है क्यू की अवनि के बिना अभय जिन्दा रह नहीं पाता और उसके पास चला जाता है |

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